INTRODUCTION OF ISDE
इंस्टीट्यूशन ऑफ सेकेंडरी डिस्टेंस एजुकेशन (ISDE) एक पंजीकृत शैक्षणिक संस्था है, जो मध्यप्रदेश शासन के सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के अंतर्गत विधिवत पंजीकृत है। यह संस्था भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में समाज के सभी वर्गों तक ज्ञान पहुँचाने का प्रयास कर रही है। ISDE का उद्देश्य ऐसी शिक्षा प्रणाली को विकसित करना है जो आधुनिक, सुलभ तथा सभी के लिए समान अवसर प्रदान करने वाली हो। यह संस्था सम्पूर्ण भारत में कार्य करने के लिए अधिकृत है तथा शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय भूमिका निभा रही है।
ISDE की कार्यप्रणाली देश में संचालित खुली शिक्षा प्रणाली के अनुरूप है और यह म.प्र. राज्य ओपन स्कूल (MPSOS), नेशनल ओपन स्कूल (NIOS) तथा सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की तरह समानांतर रूप से खुली एवं दूरस्थ शिक्षा के सिद्धांतों पर आधारित है। संस्था को माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्य प्रदेश तथा सामान्य प्रशासन विभाग से समकक्षता प्राप्त है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली के समान अवसर प्राप्त होते हैं, जिससे वे अपनी शैक्षणिक योग्यता को विकसित कर सकें और अपने भविष्य को सुदृढ़ बना सकें।
संस्थान द्वारा शिक्षा का संचालन ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) प्रणाली के माध्यम से किया जाता है। इस प्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ऑनलाइन, डिजिटल तथा पेपरलेस शिक्षा व्यवस्था को अपनाया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थी भी बिना किसी भौगोलिक बाधा के शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। ISDE का उद्देश्य शिक्षा को सरल, सुलभ और लचीला बनाना है ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपनी परिस्थितियों के अनुसार अध्ययन कर सके और अपने ज्ञान को बढ़ा सके।
ISDE विशेष रूप से उन विद्यार्थियों और पेशेवर व्यक्तियों के लिए कार्य करता है जो नियमित शिक्षा प्रणाली में अध्ययन करने में असमर्थ होते हैं। संस्था जनरल एजुकेशन, मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, पैरामेडिकल तथा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक स्तर के पाठ्यक्रम संचालित करती है। ये पाठ्यक्रम सर्टिफिकेट (Secondary एवं Senior Secondary Certificate) तथा डिप्लोमा स्तर तक उपलब्ध हैं। अध्ययन का मुख्य माध्यम हिंदी है और संस्थान विद्यार्थियों को आवश्यक अध्ययन सामग्री, संदर्भ पुस्तकें तथा मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है ताकि वे अपने विषयों की बेहतर समझ प्राप्त कर सकें।
भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में
खुली और दूरस्थ शिक्षा को विशेष महत्व दिया गया है। इसी दिशा में ISDE
देश के शिक्षाविदों, प्रोफेसरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन में
कार्य करते हुए शिक्षा के प्रसार में योगदान दे रहा है। संस्था का उद्देश्य
ऐसे विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर प्रदान करना है जो किसी कारणवश
नियमित विद्यालय या महाविद्यालय में अध्ययन नहीं कर पाते। ISDE का प्रयास है
कि विद्यार्थी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ें,
उच्च शिक्षा प्राप्त करें और समाज में अपने कार्यक्षेत्र तथा व्यवसाय में
उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
विशेष :
ISDE को अब तक भारत सरकार अथवा UGC से किसी प्रकार का
अनुदान (Grant-in-Aid) प्राप्त नहीं हुआ है। इसलिए यह संस्था
स्वायत्त रूप से कार्य करती है और इस पर UGC अधिनियम लागू नहीं होता है।





