इंस्टीट्यूशन ऑफ सेकेंडरी डिस्टेंस एजुकेशन (ISDE) का विज़न
इंस्टीट्यूशन ऑफ सेकेंडरी डिस्टेंस एजुकेशन (ISDE) का मूल विज़न एक ऐसी प्रगतिशील, समावेशी तथा विधिक रूप से सुदृढ़ शिक्षा प्रणाली की स्थापना करना है, जो समाज के सभी वर्गों के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा सके। संस्था का उद्देश्य ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग (Open and Distance Learning) प्रणाली के माध्यम से उन विद्यार्थियों तक शिक्षा के अवसर पहुँचाना है जो भौगोलिक दूरी, आर्थिक परिस्थितियों या सामाजिक कारणों से पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से वंचित रह जाते हैं। यह संस्था भारतीय संविधान के समानता, सामाजिक न्याय और शिक्षा के अधिकार से संबंधित मूलभूत सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करते हुए शिक्षा को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक, लचीली और तकनीक आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना भी संस्था के विज़न का प्रमुख भाग है।
1. सुलभ एवं समावेशी शिक्षा प्रणाली का विकास
ISDE का प्रमुख उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है जो सभी व्यक्तियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करे। संस्था विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ एवं सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कार्य करती है। ओपन एवं डिस्टेंस लर्निंग प्रणाली के माध्यम से संस्था विद्यार्थियों को लचीले ढंग से अध्ययन करने का अवसर प्रदान करती है ताकि वे अपने व्यक्तिगत, पारिवारिक अथवा व्यावसायिक दायित्वों के साथ-साथ शिक्षा भी प्राप्त कर सकें। इस प्रकार संस्था शिक्षा को सीमित संसाधनों या परिस्थितियों से परे ले जाकर एक व्यापक सामाजिक अधिकार के रूप में स्थापित करने का प्रयास करती है।
2. गुणवत्तापूर्ण एवं मानकीकृत शिक्षा को प्रोत्साहन
संस्था का विज़न केवल शिक्षा उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता को भी उच्चतम स्तर पर बनाए रखना है। ISDE आधुनिक शैक्षणिक मानकों के अनुरूप पाठ्यक्रम, अध्ययन सामग्री तथा परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली विकसित करने का प्रयास करता है। संस्था का उद्देश्य पारदर्शी, निष्पक्ष तथा विश्वसनीय शैक्षणिक प्रणाली को बढ़ावा देना है जिससे विद्यार्थियों को प्राप्त होने वाली शैक्षणिक योग्यता समाज और कार्यक्षेत्र दोनों में उपयोगी सिद्ध हो सके। डिजिटल शिक्षा संसाधनों, ऑनलाइन अध्ययन सामग्री और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए संस्था आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
3. कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप ISDE का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल विकास, व्यावसायिक दक्षता और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना है। संस्था ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन करने के लिए प्रयासरत है जो विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं बल्कि व्यावहारिक कौशल भी प्रदान करें। कौशल आधारित प्रशिक्षण, प्रबंधन शिक्षा और व्यावसायिक कार्यक्रमों के माध्यम से संस्था युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए तैयार करने का लक्ष्य रखती है। इस प्रकार शिक्षा को आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जा सके।
4. राष्ट्रीय विकास एवं सामाजिक प्रगति में योगदान
ISDE का दीर्घकालिक विज़न शिक्षा के माध्यम से समाज और राष्ट्र के समग्र विकास में योगदान देना है। संस्था नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा आजीवन शिक्षा की भावना को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीक के उपयोग के माध्यम से संस्था एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहती है जो विद्यार्थियों को जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम नागरिक बनने के लिए प्रेरित करे। ISDE का विश्वास है कि गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के माध्यम से ही एक सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव है, जो राष्ट्र के सतत विकास और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।





