An Institution is a autonomous self finance unaided, recognized registered body under society registration (S.R.) Act 1973 XLIV & Approved By- General Administration Department, And other Permanent Equivalency granted by Board of Secondary Education (MPBSE) Government of Madhya Pradesh

Voluntry Organigation

Institution of Secondary Distance Education-ISDE

Villege-Nimacha Kala,Timarni 461228 (M. P.)

(An ISO Certified Organization)

 

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (Right to Education) – प्रमुख प्रावधान

1. सभी बच्चों के लिए शिक्षा

भारत में 6 से 14 वर्ष की आयु के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क एवं अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराना राज्य का दायित्व होगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अपने मौलिक अधिकार से वंचित न रह सके।

2. कक्षा में रोकने या निष्कासन पर प्रतिबंध

किसी भी बच्चे को प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण होने तक कक्षा में रोका नहीं जाएगा, न ही विद्यालय से निष्कासित किया जाएगा और न ही उसे किसी बोर्ड परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए बाध्य किया जाएगा।

3. आयु के अनुरूप प्रवेश

यदि 6 वर्ष से अधिक आयु का कोई बच्चा किसी विद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाया है या अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण नहीं कर पाया है, तो उसे उसकी आयु के अनुरूप कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा।

ऐसी स्थिति में उस बच्चे को अन्य विद्यार्थियों के समान शैक्षणिक स्तर प्राप्त करने हेतु निर्धारित समयावधि के भीतर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त करने का अधिकार होगा।

साथ ही ऐसे बच्चे को 14 वर्ष की आयु पार कर लेने के बाद भी प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण होने तक निःशुल्क शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार रहेगा।

4. आयु प्रमाण संबंधी प्रावधान

प्रारंभिक शिक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु का निर्धारण जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1856 के अंतर्गत जारी जन्म प्रमाण-पत्र या अन्य निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा।

आयु प्रमाण उपलब्ध न होने की स्थिति में भी किसी भी बच्चे को विद्यालय में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाएगा।

5. प्रमाण-पत्र प्रदान करना

जो बच्चा प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कर लेगा, उसे संबंधित विद्यालय अथवा प्राधिकृत संस्था द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

6. छात्र–शिक्षक अनुपात

विद्यालयों में एक निश्चित छात्र–शिक्षक अनुपात सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

7. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षण

सभी निजी विद्यालयों में कक्षा प्रथम में प्रवेश के समय आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी।

8. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार

विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए निरंतर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को प्रभावी एवं समग्र शिक्षा प्राप्त हो सके।

9. शिक्षकों की योग्यता

विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे पाँच वर्षों के भीतर आवश्यक व्यावसायिक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करें, अन्यथा उनकी सेवा समाप्त की जा सकती है।

10. विद्यालय आधारभूत संरचना

जहाँ विद्यालयों में आधारभूत संरचना की कमी पाई जाती है, वहाँ तीन वर्षों के भीतर आवश्यक सुधार करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय सीमा में सुधार न होने की स्थिति में विद्यालय की मान्यता निरस्त की जा सकती है।

11. वित्तीय व्यवस्था

इस व्यवस्था के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक वित्तीय व्यय का वहन केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा।

 

Department Advise

Enter some text here data here enter content here Enter some text here data here enter content here Enter some text here data here enter content here Enter some text here data here enter content here Enter some text here data here . Name -Enter some text here data here.
Read More